आख़री कोशिश
रहेगी आज़्म्तर से आज़्म्तर ये आखरी कोशिश,
तुझे सुननी पड़ेगी बे-खबर ये आखरी कोशिश,
कभी तो कुछ असर होगा मेरी खामोश आहों का,
नज़र अंदाज़ होगी किस क़दर ये आखरी कोशिश,
ज़रा दामन बढ़ा चश्म-ए-गुहर के वास्ते वरना,
रहेगी उम्र भर ही दर-ब-दर ये आखरी कोशिश.
उर्मिला माधव
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