सदा दी है

मुहब्बत को इशारों में समझना कामयाबी है,
ये मौके की नज़ाक़त है तो हां में हां मिला दी है,

किसीउम्मीद का जज़्बा,हदों के पार जा पहुंचा,
वो कबका जा चुका है,कब कहाँ उसने सदा दी है
उर्मिला माधव

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