बदल गया है
वो आदमी वही है,लहजा बदल गया है,
अब दरमियां हमारे, किस्सा बदल गया है,
हम मुन्तज़िर रहे हैं,आने की कह गया था,
गिनते हैं उँगलियों पर,हफ्ता बदल गया है,
लगता है कुछ कमी है,पहचान में हमारी,
या वक़्त के मुताबिक चेहरा बदल गया है,
उल्फ़त का रंग लेकर आया हमारे दिल में,
हैरत से देखते हैं, कैसा बदल गया है,
मजबूरियां हैं,तुझको,रब के किया हवाले,
किस-किसको ये बताते,क्या-क्या बदल गया है...
उर्मिला माधव,
12.10.2015
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