और हम

ये हमारी ज़िन्दगानी और हम,
उम्र भर ही नातवानी और हम,

हम अकेले और इतने !!मरहले,
रोज़ इक बनती कहानी और हम,

वक़्त लाया बाम पर हम आगये,
उफ़ हमारी बे-ज़बानी और हम,

बे-अदब जुमले निशाने साध कर,
शोहदों की लनतरानी.....और हम.......

ये अजब से हादसे हर ग़ाम पर,
आँख जैसे पानी-पानी और हम,
उर्मिला माधव...
29.8.2014...

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