दिल मिलाना क्या ?
छोड़ दो दिल से दिल मिलाना क्या ?
अब किसी को भी आज़माना क्या ?
जो हुआ उसको ख़ूब होने दो,
बेवज्ह अपना दिल दुखाना क्या ?
तयशुदा बात ही तो गुजरी है,
इसलिए यूँ भी अचकचाना क्या?
अपने मुंह से कहो,"मुबारक हो"
अश्क आँखों में झिलमिलाना क्या?
किस क़दर हादसात झेले हैं,
इस तरह आज डगमगाना क्या?
उर्मिला माधव..
24.8.2016
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