दिखा दूँ तो

दिल के छाले अगर दिखा दूँ तो,
अपनी किस्मत के ख़म गिना दूँ तो,

फ़ाख्ता बनके होश उड़ लेंगे,
ज़िक्र ग़र रू-ब-रू चला दूँ तो,

चश्म-ए-गिरियाँ में डूब जाआगे
अपनी दुनियां के ग़म सुना दूँ तो,

आबशारों की हद भी कम होगी,
अश्क़ अपने अगर बहा दूँ तो,

हाथ कालक से काले हो जाएँ,
अपने कुछ ख़त जले दिखा दूँ तो...
उर्मिला माधव
1.6.2018

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