तौबा-तौबा हया कीजिये

रुख पै पर्दा गिरा लीजिये,
तौबा-तौबा हया कीजिये,

हम हैं ख्वाहिश अगर आपकी,
दिल पै दस्तक दिया कीजिये,

हैं अदीबों की हम ज़ात में,
कुछ क़दम हौसला कीजिये ,

लोग देंगे भी क्या आपको,
हमसे ही इल्तिज़ा कीजिये,

मुफ़्त बदनाम होने से क्या,
हमको सजदा किया कीजिये,

उम्र भर क्या है हमने किया,
सबसे चर्चा किया कीजिये,

हमने मुड़ के न देखा कभी,
आप माने न क्या कीजिये,

वक़्त का ये तकाज़ा है अब,
अपनी इज्ज़त बचा लीजिये ....
उर्मिला माधव...
24.5.2014..

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