अच्छा ख़ासा है
ज़िंदगी है या एक तमाशा है?
इसमें भी ट्विस्ट अच्छा खासा है,
मेस्मरेज़म भी कम नहीं इसमें,
पल में तोला है पल में माशा है,
शौर्ट सर्किट से मर गया कोई,
जिसके हाथों में एक कासा है,
डैम केयर लिखा है चेहरे पर,
गोकि सदियों से ग़म शनासा है
इसके चारों तरफ जो सर्कल है,
उसमें हर आदमी ठगा सा है,
उर्मिला माधव...
20.5.2015
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