बिखरते रहिये
मन में लाख़ बिखरते रहिये,
काम तो फिर भी करते रहिये,
दर्द कोई .....पहचान सके ना,
ग़म से ...ख़ूब गुज़रते रहिये,
क़दम अगर जब साथ न दें तो,
हिम्मत से .....दम भरते रहिये,
जीने की ग़र ख्वाहिश है तो,
क़दम आग पर धरते रहिये,
जो जी कहता हो वो करलें,
बस अंजाम से डरते रहिये,
उर्मिला माधव..
15.5.2017
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