संगदिल
आज कल वो होगए हैं संग दिल,
आदतन यूँ भी हैं वो कुछ तंग दिल,
हम रक़ाबी में सजा कर ले गए ,
कितना सुंदर ख़ुशनुमाँ नौरंग दिल,
इससे बढ़ कर बेरुख़ी होती भी क्या
बा-अदब लौटा दिया बैरंग दिल
उर्मिला माधव..
13.4.2014...
आज कल वो होगए हैं संग दिल,
आदतन यूँ भी हैं वो कुछ तंग दिल,
हम रक़ाबी में सजा कर ले गए ,
कितना सुंदर ख़ुशनुमाँ नौरंग दिल,
इससे बढ़ कर बेरुख़ी होती भी क्या
बा-अदब लौटा दिया बैरंग दिल
उर्मिला माधव..
13.4.2014...
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