डर्टी वार्स
एक जंग के नाम---- (Dirty Wars)
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ज़िन्दगी भी क्या दिखाती है किसीसे क्या कहें,
रूह तक जब काँप जाती है किसीसे क्या कहें
जिस्म से पहचान रखना एक दीगर बात है,
सांस भी क़िस्तों में आती है किसीसे क्या कहें,
एक मंज़र बद्नुमा देखा है....मेरी आँख ने ,
लाश को मिटटी भी खाती है किसीसे क्या कहें,
जब कभी बच्चे कहीं मारे गए यलगार में,
चश्म-ए-गिरियाँ माँ छुपाती है किसीसे क्या कहें,
उन तवारीखों के पन्ने तुम भी पढके देखना,
मौत जब मिन्नत कराती है किसीसे क्या कहें...
उर्मिला माधव...
16.4.2014...
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