छुइ मुई है

ख़ुश्क आंखों में नमी पैदा हुई है,
एक चाहत आज तक भी, छुइ मुई है,

इक मेरा ऐजाज़ था जो तू न समझा,
अब तलक भी देख पर्दा- ए -दुई है
उर्मिला माधव..
19.4.2014

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