पता तो करो
किसने भेजा है ये पयाम कुछ पता तो करो,
क्या है इलज़ाम मेरे नाम कुछ पता तो करो,
शह्र में किस तरह का शोर आज बरपा है'
सबका है सब्र क्यूं तमाम कुछ पता तो करो...
चार सम्तों में इक नफ़स को जगह है के नहीं,
और क्या क्या है इंतज़ाम कुछ पता तो करो.
ख़ून के रंग में अब रंगी सी लगे रंग ए हिना,
किस तरह का है इंतक़ाम कुछ पता तो करो.
क्यों हवाओं में रंग शामिल है अब सियासत का,
और किस किस का है ये काम कुछ पता तो करो
उर्मिला माधव
29.4.2015..
Comments
Post a Comment