सौगंध है भगवान की
एक मित्र की चाहत पर...
आप ही मनमीत हैं,सौगंध है भगवान् की,
आप सुर संगीत हैं ,सौगंध है भगवान् की,
आये हैं संघर्ष कितने मेरे जीवन मैं सतत,
आप उसकी जीत हैं सौगंध है भगवान् की,
जो भी हूँ प्रत्यक्ष हूँ,पावन ह्रदय की स्वामिनी,
आप अंतिम प्रीत हैं सौगंध है भगवान् की ,
आपका स्वर दे सुनाई एक अनहद की तरह,
आप ही बस गीत हैं,सौगंध है भगवान् की,
आप विजयी होगये हैं, जीत कर मेरा ह्रदय,
आप ही जगजीत हैं,सौगंध है भगवान् की.....
उर्मिला माधव...
10.1.2014...
Comments
Post a Comment