एक शब्द सुगंध
शब्दों का अप्रतिम सौन्दर्य,
क्या लिखा है,
प्रिय, तुम्हारी उँगलियों ने,
एक शब्द, सुगंध,
अनुपम है,
आभासित है
किन्तु,
परिलक्षित नहीं,
ये कोई प्रीत है क्या ?
यदि हाँ,
तो उजागर हो,
अन्यथा,
जीवन में,
एक दिन निश्चित हुआ है
म्रत्यु का,
मर्यादाओं का,
एक अविदित मार्ग,
दुरूह मार्ग,
चलते हुए सब,
संभलते हुए सब,
स्वयं को छलते हुए सब,
अंत हीन,
मार्ग..
और अंतहीन वियोग,
उर्मिला माधव,
31.3.2017
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