किरदार की सफ़ेदी है

ये तो क़िरदार की सफेदी है,
इसको एक उम्र मैंने देदी है ,

गोकि हर सम्त ख़ून रिसता है,
ज़िंदगी इस तरह से छेदी है,

तह में चिंगारी कुछ सुलगती सी,
बुझने वाली थी,.. फिर कुरेदी है,
#उर्मिलामाधव ...
27.3.2015..

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