ईद है

एक मतला एक शेर---

अय मियाँ,पागल हो ? या फिर ईद है ?
दुश्मनों से क्यूँ .......तुम्हें उम्मीद है ?

तुमने खुशियों में भी की है ताज़ियत,
गलतियाँ समझो तुम्हें......ताक़ीद है....
उर्मिला माधव...
4.7.2016 ..

ताज़ियत--- मातमपुर्सी
ताक़ीद--- ज़रूरी

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