एक मतला एक शेर

उम्र भर जिसकी हिफाज़त दिल ने की,
ख़ार की मानिंद .......क्यों चुभता रहा !!!!!

दिल हमारा बे-अदब था .....क्या कहें,
बे-वफ़ा की सम्त ही ......झुकता रहा..
उर्मिला माधव....
13.12.2014....

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