क़ता

वक़्त आया,ज़िंदगी की तर्जुमानी लिख गया,
कोई आया मेरे दिल पे पानी-पानी लिख गया,
उम्र भर हम ..इक समंदर थाम कर चलते रहे,
दुश्मन-ए-जां आंसुओं की एक रवानी लिख गया..
उर्मिला माधव..
14.12.2016

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