कुल दहर में जानी मानी ये कहानी खूब है,
साथ मोहन के ये प्यारी राधा रानी खूब है,

हैं बसे मुरली की तानों में मधुर मोहन के रंग,
उसपे गलियों में किलकती राज रानी खूब है,

जो कोई जिस रंग में सोचे मिले वैसा ही रंग,
प्यार के रंग में रंगी ये ....राजधानी खूब है,

तान सुन के डमरू वाले भी यूँ माइल होगये,
क्या कहें भोले की हस्ती पानी-पानी खूब है,

एक महलों वाली रानी होश से गफ़िल हुई,
सब मिसालों में बड़ी मीरा दिवानी खूब है.....
उर्मिला माधव...
7.10.2014

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