एक दिन बरसात में जो आँख उसने बंद की,
फिर नहीं देखा कभी,जंगल दहकते हैं कहीं..
‪#‎उर्मिलामाधव‬
24.9.2015

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge