सब ज़माना ये क़ब्र लगता है,
चूँकि जीना ही ज़ब्र लगता है,
ख़ुद को इंसान भी जताने में,
उम्र लगती है...सब्र लगता है,
‪#‎उर्मिलामाधव‬..
9.9.2015

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