अपनी सांसों के संग संवर जाएँ,
इससे पहले कि ये बिखर जाएँ,
इतनी तौफीक हमको हासिल हो,
अपने पैरों पे चल के घर जाएँ...
‪#‎उर्मिलामाधव‬...
22.10.2015

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