हज़ारों जान से क़ुरबान होने पर भी क्या हासिल,
मुहब्बत उसकी आँखों से छलकना भी ज़रूरी है...

हमारा दिल ये कहता है,के अपना बार ख़ुद ढोना,
जहां की तंग गलियों में भटकना भी ज़रूरी है,

कोई इक वाक़या दिल को बहुत हलकान करता हो,
तो फिर तहज़ीब से शाने झटकना भी ज़रूरी है
‪#‎उर्मिलामाधव‬...
9.9.2015

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