इम्तिहाँ है ज़िन्दगी तो जो हुआ अच्छा हुआ,
ये ही तो बेचारगी है,वक़्त कब किसका हुआ?
टूटना दिल का हुआ मंज़ूर जब हर हाल में,
रंज क्या करना भले झूठा हुआ सच्चा हुआ,
#उर्मिलामाधव...
26.9.2015
ये ही तो बेचारगी है,वक़्त कब किसका हुआ?
टूटना दिल का हुआ मंज़ूर जब हर हाल में,
रंज क्या करना भले झूठा हुआ सच्चा हुआ,
#उर्मिलामाधव...
26.9.2015
Comments
Post a Comment