क्या जगह कहलाएगी मेरी ज़मीं पर ?
जिनके घर पैदा हुई वो लोग घबराने लगे, ताल्लुक़ वाले मुझे सब देखने आने लगे, मेरी पैदाइश पै घर के लोग शर्माने लगे, अपनी जानिब से मुहब्बत ख़ूब दिखलाने लगे माँ के चेहरे पर हज़ारों दर्द जब आने लगे, जाने कैसे लफ्ज़ थे जो माँ को बस ताने लगे, #उर्मिलामाधव 25.7.2015 |
दास्तां कह रही हैं
हवाएं अजब दास्तां कह रही हैं, कहाँ से चली हैं, कहाँ बह रही हैं
Comments
Post a Comment