अपनी आँखों का फ़क़त नूर बना कर रखलो,
जाँविदा इश्क़ का.....दस्तूर बना कर रखलो,
अच्छा रहने दो चलो छोड़दो अपनी सी करो,
मुझको दिनरात का मजदूर बना कर रख लो...
उर्मिला माधव...

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