अपनी दुनिया है बिल्कुल जुदा दोस्तो

अपनी दुनियां है बिलकुल जुदा दोस्तो
इसलिए अब चलो .....अलविदा दोस्तो....

लोग जितने भी दुनियां में मिलते हैं सब,
आदमी हैं ,......न कोई ख़ुदा दोस्तो...

ज़िन्दगी भी ..कोई मिलकियत तो नहीं,
रंग इसका बहुत ......अलहदा दोस्तो.

जाने कब कूच करना पड़े ......दह्र से,
अपनी जानिब से हो ....इब्तेदा दोस्तो,
उर्मिला माधव...

Comments