एक दिन भारत भारत है
तारीफ़ करूँ क्या जज़्बे की, जो एक दिन भारत भारत है, क्या खूब खिलौने चाबी से..... चलते हैं बहुत हिक़ारत है, आपस में झगडे करते हैं, गद्दी की खातिर मरते हैं, है वतन भरा नक्कालों से, साबित है इनकी चालों से, क्या फ़ख्र करूँ मैं भारत पर, चोरों की लिखी इबारत पर, क्या भारत फिर भी भारत है?? जब के ये बिलकुल ग़ारत है, उर्मिला माधव... 26.1.2016...