आदिल की थी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 30, 2018 तीरगी में चल रहे थे रौशनी बस दिल की थी आँधियों का सामना था,इक ख़ुशी मंज़िल की थी जब के मेरे दिल के टुकड़े चार सू बिखरे रहे, लोग ये कहते रहे ये चाल किस आदिल की थी उर्मिला माधव... 31.3.2014... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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