सवेरा हो गया

जाग जाओ अब सवेरा हो गया,
बहुत लम्बा तेरा-मेरा हो गया,

आकलन अपना स्वयं करते रहो,
दूसरा क्यों कर चितेरा हो गया,

हर कोई जीता है अपने रंग में,
फिर कहाँ दुनिया का घेरा हो गया,
उर्मिला माधव।।
२६.६.२०१७

Comments