एक मतला एक शेर Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 17, 2018 साजिंदे उठा लाये हैं,क्यूं ताम-झाम सब, साँसे तो कह रही हैं,के ऊंचा है बाम अब, कुछ हाशिये लगे हैं,हर इक ज़ीस्त के तईं, पहले मिला है वक़्त से,किसको पयाम कब, उर्मिला माधव Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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