एक मतला एक शेर

हम किसी तौर मुतास्सिर नहीं होने वाले,
तेरी दुनियां में अब हाज़िर नहीं होने वाले,

प्यार में शर्त है,दम-ख़म हो जिगर होअपना कोई भी दोस्त तेरी ख़ातिर नहीं होने वाले?
उर्मिला माधव
29th जनवरी 2017

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