हुए हज़ारों टुकड़े दिल के

एक मतला दो शेर-----

हुए हज़ारों टुकड़े दिल के,और क़हर से क्या होता है??
हम मानिंन्द हुए मुर्दे के,और ज़हर से क्या होता है??

जिसकी हो जागीर हमेशा रहे उसी की मरते दम तक,
कोई इस्तक़बाल कहे बस और शहर से क्या होता है?? 

दीवारों से बने हुए हैं,ताजमहल और मंदिर मस्जिद,
आमद-रफ्त बशर की क़ायम और दहर से क्या होता है ??
उर्मिला माधव...
24.2.2014..

Comments

Popular posts from this blog

गरां दिल पे गुज़रा है गुज़रा ज़माना

kab chal paoge