एक प्रयास हिंदी में, ------------------- मन हुआ अनमना तो,भजन कर लिया, लेके गंगा का जल आचमन कर लिया, बैठे आसन पे भी पालथी मार कर, जग के हर देवता को नमन कर लिया, जाने कितनी तरह से किया कीर्तन, अपने हाथों से पूरा जतन कर लिया, क्यों ये संसार है सोच कर थक गए, और चिंता को कितना गहन कर लिया, म्रत्यु पर्यंत दूंढा किये सार हम , अंत में मृत्यु का ही वरन कर लिया... उर्मिला माधव... २७.१२.२०१३.